विभक्ति और : ' जैसे वााक् ईश ' के बारे में क्या बताया गया है ?
जैसे— वााक् + ईश : में ' क् ' + ' ई ' में संहिताा ( अत्यन्त समीपताा ) क…
○ इतिति + आदि - इत्यादि — (..................)
○ संस्कृत में ' संयोग ' एक महत्त्ववपूर्ण संज्ञाा के रूप में प्रााप्त…
○ कार्य करने से ' वाागीश :' पद बनाा है।
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यह विवरण अध्याय में स्पष्ट रूप से दिया गया है। — Examisthan.com