कर्मधारय और : ' जहाँ अन्य पदों ' से जुड़ी सही जानकारी कौन - सी है ?
○ ह्रस्व स्वर वालेे पद को पहलेे रखतेे हैं।
जहाँ अन्य पदों का लोप होकर एक ही पद शेष बचे , वहाँ एकशेष होता है।…
○ पाषाणवत् हृदयंं यस्य स :
○ यथा— ईशश्च कृष्णणश्च = ईशकृष्णौ ।
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यह विवरण अध्याय में स्पष्ट रूप से दिया गया है। — Examisthan.com